सोमनाथ मंदिर

स्थल

  • हिन्दू धर्म में सोमनाथ का अपना एक अलग ही स्थान है |
  • भगवान् सोमनाथ का मंदिर भारत के १२ ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है |
  • सोमनाथ मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह में स्थित है |
  • इसका निर्माण स्वयं चंद्रदेव ने किया था, जिसका उल्लेख ऋग्वेद में स्पष्ट है |
  • सोमनाथ मंदिर गर्भगृह, सभामंडप और नृत्यमंडप – तीन प्रमुख भागों में विभाजित है |
  • इसका १५० फुट ऊँचा शिखर है, इसके शिखर पर स्थित कलश का भार दस टन है और इसकी ध्वजा २७ फुट ऊँची है |
  • सर्वप्रथम इस मंदिर के उल्लेखानुसार ईसा के पूर्व यह अस्तित्व में था |
  • भारत की आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने समुद्र का जल लेकर नए मंदिर के निर्माण का संकल्प लिया |
  • उनके संकल्प के बाद १९५० में मंदिर का पुननिर्माण हुआ |
  • ६ बार टूटने के बाद ७ वि बार इस मंदिर को कैलाश महामेरु प्रसाद शैली में बनाया गया |
  • इस समय जो मंदिर खड़ा है, उसे भारत के गृहमंत्री वल्लभभाई पटेल ने बनवाया और दिसंबर १९९५ को भारत के राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया |

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